सांदीपनि एवं विशिष्ट विद्यालयों के शिक्षकों ने ट्रांसफर नीति में संशोधन की मांग उठाई* प्रदेश में जारी शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के बीच सांदीपनि विद्यालयों (पूर्व में सीएम राइज विद्यालय) एवं विशिष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान स्थानांतरण नियमों में कुछ प्रावधान ऐसे हैं जो उनके लिए अवसरों की समानता को प्रभावित करते हैं। इसलिए नीति में आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।

 *सांदीपनि एवं विशिष्ट विद्यालयों के शिक्षकों ने ट्रांसफर नीति में संशोधन की मांग उठाई*


प्रदेश में जारी शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के बीच सांदीपनि विद्यालयों (पूर्व में सीएम राइज विद्यालय) एवं विशिष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान स्थानांतरण नियमों में कुछ प्रावधान ऐसे हैं जो उनके लिए अवसरों की समानता को प्रभावित करते हैं। इसलिए नीति में आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।



शिक्षकों ने प्रमुख रूप से तीन मांगें शासन एवं शिक्षा विभाग के समक्ष रखी हैं। पहली मांग यह है कि सांदीपनि एवं विशिष्ट विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को भी अन्य शासकीय विद्यालयों में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जाए। शिक्षकों का कहना है कि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाएं सामान्य शिक्षकों के समान ही प्राप्त होती हैं, फिर भी उन्हें अन्य विद्यालयों में स्थानांतरण हेतु आवेदन करने से वंचित रखा गया है। इससे उनके कैरियर और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण के अवसर सीमित हो जाते हैं। साथ ही इन विशिष्ट विद्यालयों के शिक्षको के अवसर की समानता जैसे मौलिक अधिकारों का हनन भी है।अतः सांदीपनि एवं विशिष्ट विद्यालयों के शिक्षको ने ट्रांसफर के ऐसे असमानता पूर्ण नियम को हटाने की मांग की है।

दूसरी मांग जनगणना कार्य में संलग्न शिक्षकों को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल किए जाने की है। शिक्षकों का कहना है कि जनगणना एक महत्वपूर्ण शासकीय दायित्व है, लेकिन इस कार्य में लगे होने के कारण उन्हें स्थानांतरण के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो विभाग स्थानांतरण आदेश जारी कर कार्यमुक्ति बाद में प्रदान कर सकता है।

तीसरी मांग स्थानांतरण के लिए निर्धारित 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्यता को समाप्त करने की है। शिक्षकों के अनुसार तकनीकी समस्याओं, नेटवर्क की कमी एवं अन्य प्रशासनिक कारणों से कई बार उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे पात्र शिक्षक भी स्थानांतरण के अवसर से वंचित हो सकते हैं।

शिक्षकों एवं विभिन्न शिक्षक संगठनों ने प्रदेश सरकार तथा स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्थानांतरण नीति में आवश्यक संशोधन कर सभी शिक्षकों को समान अवसर प्रदान किए जाएं। उनका मानना है कि इससे शिक्षकों में संतोष बढ़ेगा, कार्यक्षमता में सुधार होगा तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

अमरदीप श्रीवास्तव

जिलाध्यक्ष, राज्य शिक्षक कांग्रेस

जिला शिवपुरी

मो. 9981387670

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