ग्वालियर हाई कोर्ट का निष्पक्ष फैसला अधिवक्ताओं की मेहनत से कम समय मै हुआ निपटारा। मामला है पुलिस स्टेशन भितरवार जिला ग्वालियर का जहां याचिकाकर्ता मुरारी लाल किरार लंबे समय से अपनी जमीन को बचाने के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे थे पर उन की सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनके साथ मारपीट की गई ओर कई अन्य घटना भी हुई पर किसी ने उनकी एक न सुनी। फिर मुरारी लाल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिस की पैरवी मायाराम राम लोधी ओर आंसू किरार ने की जिस से सरकारी वकीलो की दलीलें खोखली नजर आती गई।

  ग्वालियर हाई कोर्ट का निष्पक्ष फैसला अधिवक्ताओं की मेहनत से कम समय मै हुआ निपटारा।



मामला है पुलिस स्टेशन भितरवार जिला ग्वालियर का जहां याचिकाकर्ता मुरारी लाल किरार लंबे समय से अपनी जमीन को बचाने के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे थे पर उन की सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनके साथ मारपीट की गई ओर कई अन्य घटना भी हुई पर किसी ने उनकी एक न सुनी। फिर मुरारी लाल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिस की पैरवी मायाराम राम लोधी ओर आंसू किरार ने की जिस से सरकारी वकीलो की दलीलें खोखली नजर आती गई। 



आज न्यायाधीश राजेश कुमार गुप्ता ने पुलिस को निर्देश देते हुए सही जांच कर दोषियों पर कारवाही के निर्देश दिए है।


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