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चीन की तिब्बत नीति पर उठे सवाल, आध्यात्मिक गुरु हिरासत में, अंतरराष्ट्रीय चिंता! Tibetans Face Chinese Crackdown
अमदो गोलोग, तिब्बत।
News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख बौद्ध धर्मगुरु चोगट्रुल दोरजे तेनज़िन की गिरफ्तारी के बाद तिब्बती समुदायों पर चीनी अधिकारियों का राजनीतिक दबाव बढ़ गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई है।
फायुल की रिपोर्ट बताती है कि इस घटनाक्रम से तिब्बती क्षेत्रों में निगरानी और दमनकारी शासन के विस्तार की आशंकाएं और प्रबल हो गई हैं।
मिनथांग मठ के मठाधीश और मिनथांग जातीय व्यावसायिक विद्यालय के प्रमुख चोगट्रुल दोरजे तेनज़िन को 4 दिसंबर को हिरासत में लिया गया था, परंतु अभी तक उनकी गिरफ्तारी के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है।
उनकी गिरफ्तारी के बाद, चीनी अधिकारियों ने "2025 ग्रामीण शासन क्रेडिट स्कोर विनिमय सम्मेलन" के नाम पर मिनथांग क्षेत्र में एक अनिवार्य बैठक बुलाई।
निवासियों को सख्त निर्देश दिए गए कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य है।
अनुपस्थित रहने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
अभी तक कोई आधिकारिक आरोप जारी नहीं किए गए हैं, न ही उनके वर्तमान स्थान या उनकी हिरासत के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के बारे में कोई जानकारी दी गई है।
यह घटनाक्रम चीन की तिब्बत नीति और धार्मिक स्वतंत्रता के हनन को लेकर विश्व स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की मानवाधिकार नीतियों की आलोचना हो रही है।
तिब्बत में धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण को लेकर विश्व समुदाय चीन से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
- बौद्ध धर्मगुरु चोगट्रुल दोरजे तेनज़िन हिरासत में, चीनी अधिकारियों पर दबाव का आरोप।
- गिरफ्तारी के बाद अनिवार्य बैठक, निवासियों को अनुपस्थिति पर गंभीर परिणाम की चेतावनी।
- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की मानवाधिकार नीतियों की आलोचना, जवाबदेही की मांग।
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Posted on 28 December 2025 | Visit News20Express.com for more stories.