स्कूल चले हम* खनियाधाना ब्लॉक में प्रवेशोत्सव एवं विद्यारंभ उत्सव का आयोजन, संयुक्त बैठक संपन्न

  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से पुनीत शाक्य रिपोर्टर की ख़ास रिपोर्ट।                                                                   


*स्कूल चले हम*

 खनियाधाना ब्लॉक में प्रवेशोत्सव एवं विद्यारंभ उत्सव का आयोजन, संयुक्त बैठक संपन्न

खनियाधाना। विकासखंड में शैक्षणिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से बीआरसीसी संजय भदोरिया एवं महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर के मार्गदर्शन में “ स्कूल चले हम अभियान” अंतर्गत 01 अप्रैल से 04 अप्रैल 2026 तक प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

इस दौरान ब्लॉक के समस्त शासकीय विद्यालयों में नए विद्यार्थियों के प्रवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा अनामांकित बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। शाला प्रबंधन समिति एवं शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर शत-प्रतिशत नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही 04 अप्रैल को “भविष्य से भेंट कार्यक्रम” के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसी क्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों पर “विद्यारंभ उत्सव” का आयोजन भी किया जा रहा है। शाला पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

नगर के वार्ड क्रमांक 14 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित किए तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर पर्यवेक्षक वर्षा जैन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वीटी पाण्डे, शाहीन फातिमा एवं रूबी जैन, सहायिकाएं, अभिभावक एवं बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा मनमोहक नृत्य, गीत एवं कविताओं की प्रस्तुतियां दी गईं।

इसी क्रम में आज खनियाधाना बीआरसी कार्यालय में बीआरसीसी संजय भदोरिया एवं महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर द्वारा संयुक्त रूप से सीएसी एवं बीएसी साथियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस आयोजन से परिवार एवं समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा बच्चों के विद्यालय में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को बल मिलेगा।

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