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क्या सुप्रीम कोर्ट अपने फैसलों से पलट रहा है? राजनीति में गरमाई बहस Supreme Court Decision Reversals Concern
News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने ही फैसलों को बार-बार पलटने की घटनाओं ने सार्वजनिक चिंता बढ़ा दी है।
वर्ष 2023 में शीर्ष अदालत ने कई महत्वपूर्ण फैसलों को बदला है, जिनमें से कुछ तो पारित होने के कुछ ही सप्ताह के भीतर ही पलट दिए गए।
ऐसा पहले भी हुआ है, लेकिन तब यह किसी पक्ष द्वारा मामले की समीक्षा के लिए बड़ी पीठ में अपील करने के बाद होता था।
वर्तमान स्थिति इसलिए अलग है क्योंकि फैसले कोर्ट के भीतर ही पलट दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मामलों को अन्य पीठ के पास भेजा, जिसने पहली बेंच के निर्णय को बदल दिया।
विधि विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
यदि यह चलन जारी रहता है, तो यह न्यायशास्त्र के भविष्य के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इससे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की वैधता कमजोर होगी।
जिन विषयों पर फैसले वापस लिए गए, उनमें न्यायिक अनुशासन से लेकर पर्यावरण मामले, कॉर्पोरेट मुद्दे और आवारा कुत्तों तक के प्रकरण शामिल हैं।
बदले गए फैसलों में से कुछ जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच से संबंधित थे।
इस मुद्दे पर **राजनीति** में भी गहमागहमी है, जहां कई **नेता** इस विषय पर अपनी राय रख रहे हैं।
आगामी **चुनाव** को देखते हुए, इस मुद्दे पर **कांग्रेस** और **बीजेपी** दोनों ही सतर्कता से बयान दे रहे हैं।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
- सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसलों को बार-बार पलटने पर चिंता।
- फैसलों को पलटने का तरीका न्यायशास्त्र के लिए खतरा बताया गया।
- बदले गए फैसलों में न्यायिक अनुशासन, पर्यावरण और कॉर्पोरेट मुद्दे शामिल।
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Posted on 19 January 2026 | Check News20Express.com for more coverage.