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स्लीपर बसों पर सरकार का कड़ा रुख़: अब मान्यता प्राप्त कंपनियां ही बनाएंगी! Sleeper Buses Safety Regulations
News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय सरकार ने स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को घोषणा की कि अब से स्लीपर कोच बसें सिर्फ़ ऑटोमोबाइल कंपनियाँ या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सुविधाएँ ही बनाएंगी।
**भारत** सरकार का यह कदम पिछले कुछ समय में स्लीपर बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है, जिनमें कई लोगों की जान चली गई है।
**राष्ट्रीय** स्तर पर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि अभी चल रही स्लीपर कोच बसों में ज़रूरी सुरक्षा फीचर्स लगाए जाएं।
इनमें आग का पता लगाने वाले सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग और ड्राइवर की नींद आने के इंडिकेटर जैसे उपकरण शामिल हैं।
**देश** भर में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सभी मौजूदा स्लीपर बसों में इमरजेंसी एग्जिट और हथौड़े होने अनिवार्य किए गए हैं।
पिछले छह महीनों में आग लगने की कई जानलेवा घटनाओं में 145 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
नए नियमों के तहत, लोकल और मैनुअल बॉडी बनाने वालों को अब स्लीपर बसें बनाने की इजाज़त नहीं होगी।
यह फैसला स्लीपर बसों के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
**प्रधानमंत्री** कार्यालय से भी इस विषय पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ था।
केंद्र सरकार का मानना है कि इन नियमों से स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाया जा सकेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
सरकार द्वारा यह कदम **राष्ट्रीय** सुरक्षा के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है।
इन बदलावों के साथ, उम्मीद है कि स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और यात्रियों का सफर सुरक्षित बनेगा।
यह **भारत** सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है जो **देश** के नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
- मान्यता प्राप्त कंपनियां ही बनाएंगी स्लीपर बसें, सरकार का कड़ा रुख़।
- पुरानी बसों में सुरक्षा फीचर्स अनिवार्य: आग का पता लगाने वाले सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग।
- पिछले 6 महीनों में 145 लोगों की जान गई, जिसके बाद सरकार ने उठाए सख्त कदम।
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Posted on 09 January 2026 | Follow News20Express.com for the latest updates.