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सोने-चांदी की महंगाई: आयुर्वेदिक दवाओं और निवेश पर असर | News20Express Ayurvedic Medicine Price Increase
News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण शक्तिवर्धक आयुर्वेदिक दवाएं महंगी हो गई हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी और **निवेश** पर पड़ रहा है।
कमजोरी दूर करने वाली स्वर्ण भस्म की कीमत में एक साल में भारी उछाल आया है, वहीं डायबिटीज की दवा वसंत कुसमाकर भी 1100 रुपए महंगी हो गई है।
सर्दियों में उपयोग होने वाला च्यवनप्राश भी अब महंगा हो गया है।
दरअसल, आयुर्वेदिक दवाओं में सोने और चांदी का उपयोग होता है।
पिछले एक साल में सोने की कीमतों में 75% और चांदी की कीमतों में 167% की वृद्धि हुई है, जिससे इन दवाओं की लागत बढ़ गई है।
चांदी में बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती है, इसलिए इसका उपयोग गंभीर संक्रमण और जलने के घावों के इलाज में किया जाता है।
इसका असर **उद्योग** पर पड़ा है।
कई **वित्त** विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी की बढ़ती कीमतें **शेयर मार्केट** पर भी असर डाल सकती हैं।
आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ अब **निवेश** के दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना जरुरी हो गया है।
**मार्केट** के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में दवाओं की कीमतों में और भी वृद्धि हो सकती है।
इस महंगाई का असर सिर्फ दवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह **वित्त** और **उद्योग** जगत को भी प्रभावित कर रही है।
निवेशकों को अब अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और सोने-चांदी के अलावा अन्य विकल्पों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
- स्वर्ण भस्म की कीमत में भारी वृद्धि, डायबिटीज की दवा भी महंगी।
- सोने की कीमतों में 75% और चांदी की कीमतों में 167% की वृद्धि।
- चांदी का उपयोग गंभीर संक्रमण और जलने के घावों के इलाज में होता है।
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Posted on 16 January 2026 | Check News20Express.com for more coverage.