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तनाव से अनियमित पीरियड्स? डॉक्टर की सलाह से पाएं स्वास्थ्य का उपचार! Stress Harms Body Mind
News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव केवल मानसिक परेशानी नहीं है, बल्कि यह शरीर को भी प्रभावित करता है।
न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का कहना है कि लंबे समय तक तनाव में रहने से महिलाओं का पाचन तंत्र और हार्मोनल सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे ब्लोटिंग, एसिडिटी, गैस, अनियमित पीरियड्स, देर से साइकल आना या ज्यादा दर्द जैसी समस्याएं होती हैं।
यह समस्या केवल मानसिक नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पेट और मासिक चक्र पर पड़ता है।
शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ने से पाचन तंत्र और हार्मोन संतुलन बिगड़ जाता है।
आयुर्वेद में इसे वात दोष के बढ़ने से जोड़ा गया है, जो अनियमित दिनचर्या और अत्यधिक सोचने के कारण होता है।
तनाव को नियंत्रित न करने पर गट और पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं बार-बार होती रहती हैं।
तनाव बढ़ने से पेट की अग्नि कमजोर हो जाती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या होती है।
समय रहते डॉक्टर से सलाह और उचित उपचार लेने से स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
फिटनेस के लिए तनाव मुक्त रहना बेहद जरूरी है।
- तनाव से पाचन तंत्र और हार्मोनल सिस्टम प्रभावित होते हैं।
- कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ने से पाचन और हार्मोन संतुलन बिगड़ता है।
- डॉक्टर की सलाह से अनियमित पीरियड्स का उपचार संभव है।
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Posted on 26 December 2025 | Check News20Express.com for more coverage.