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क्या कांग्रेस और बीजेपी डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर हैं? राजनीति में तकनीकी खतरा Mumbai Car Thefts Rampant Friday
मुंबई में, News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले शुक्रवार को हीरानंदानी कॉम्प्लेक्स के पुलिस स्टेशन में एक घंटे में चोरी की नौ शिकायतें दर्ज हुईं।
चोरों ने कई कारों के शीशे तोड़कर लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चुरा लिए, जिससे डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
यह घटना सिर्फ लूट नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में डेटा और डिवाइस सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही को भी उजागर करती है।
इस घटना ने कई लोगों को डिजिटल रूप से ‘लॉक्ड आउट’ कर दिया, क्योंकि उनके फोन और लैपटॉप चोरी हो गए, और पासवर्ड याद नहीं थे।
वे अपने एपल, माइक्रोसॉफ्ट या गूगल अकाउंट्स को एक्सेस करने में असमर्थ थे, जिससे उनके ऑफिस के जरूरी ईमेल, दस्तावेज और कैलेंडर तक पहुंच बाधित हो गई।
यह स्थिति दर्शाती है कि हमारी डिजिटल जिंदगी कुछ ही अकाउंट्स पर कितनी निर्भर है, और इन अकाउंट्स से कुछ समय के लिए भी बाहर होना कितना नुकसानदायक हो सकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हमारी राजनीति और नेता इस खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं? क्या कांग्रेस और बीजेपी जैसी पार्टियां डिजिटल सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाएंगी, ताकि आम जनता को इस तरह की परेशानी से बचाया जा सके? यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें अपनी डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
- मुंबई में चोरी की घटनाओं से डिजिटल सुरक्षा पर सवाल उठे।
- डिजिटल अकाउंट्स से 'लॉक्ड आउट' होने पर भारी नुकसान की आशंका।
- क्या कांग्रेस और बीजेपी डिजिटल सुरक्षा के लिए कदम उठाएंगी?
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Posted on 27 December 2025 | Check News20Express.com for more coverage.