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क्या बनारस से गंगाजल लाना वर्जित है? आध्यात्मिक रहस्य उजागर, धर्म की बात Kashi Ganga Water Mystery
बनारस: News20Express की रिपोर्ट के अनुसार, मोक्ष नगरी काशी से गंगाजल न लाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसके पीछे गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा है।
आमतौर पर श्रद्धालु हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थलों से गंगाजल लाते हैं, जो शुभ माना जाता है।
लेकिन बनारस के संदर्भ में मान्यता अलग है।
काशी, जिसे मोक्ष नगरी भी कहा जाता है, में मणिकर्णिका घाट पर प्रतिदिन दाह संस्कार होते हैं और राख गंगा में प्रवाहित की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आत्मा जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करती है।
यही कारण है कि बनारस से गंगाजल लाने की मनाही है, क्योंकि आशंका रहती है कि जल में मृत आत्माओं के अवशेष या राख के कण हो सकते हैं, जो मुक्ति की प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं।
इसलिए, श्रद्धालु इस परंपरा का पालन करते हुए बनारस से गंगाजल नहीं लाते हैं।
यह परंपरा धर्म और आस्था का अटूट हिस्सा है।
- बनारस से गंगाजल लाने पर क्यों है मनाही? जानिए कारण।
- मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार, मोक्ष प्राप्ति का मार्ग।
- धर्म के अनुसार, राख के कणों से बचने के लिए निषेध।
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Posted on 30 December 2025 | Keep reading News20Express.com for news updates.